श्री सुरभि सेवा परिषद का हुआ अधिवेशन

नवीन कार्यकारिणी का हुआ गठन

  • Posted On:
  • Jan 17 , 2020
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लोकप्रसिद्ध गोसेवी संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा लोग पुण्यार्थ न्यास की श्री सुरभि सेवा परिषद का अधिवेशन प्रधान संरक्षक गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराज के पावन सानिध्य में श्री मनोरमा गोलोकतीर्थ नंदगांव में आयोजित हुआ।

अधिवेशन का शुभारंभ वेदलक्षणा गोमाता के समक्ष संत रविंद्रानंद सरस्वती, सुमनसुलभ महाराज, रामरतन महाराज, गोवत्स विठ्ठलकृष्ण, अध्यक्ष आर के अग्रवाल, प्रधान सचिव रघुनाथसिंह मूथा, विशिष्ट अतिथि दलपतसिंह दिनकर, प्रतापराज राजगुरु एवं केशाराम सुथार द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
अधिवेशन में उपस्थित समस्त आजीवन सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रधान संरक्षक गोऋषिजी ने सर्वहितकारी वेदलक्षणा गोवंश के संरक्षण, सम्पोषण, संवर्धन एवं पंचगव्य परिष्करण एवं विनियोग में सभी से प्राणप्रण जुटने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नवगठित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राजकुमार अग्रवाल जमशेदपुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष, ओमप्रकाश गर्ग बालोतरा को कोषाध्यक्ष, प्रतापराज राजगुरु मुंबई को महामंत्री, रघुनाथसिंह मूथा को प्रधान सचिव, देवाराम जागरवाल कैलाश नगर, सुखराज राजपुरोहित बेंगलुरु, आनंद अग्रवाल अहमदाबाद, रमाकांत बेरीवाल कोलकाता को उपाध्यक्ष, केवलाराम पुरोहित सांचौर को समन्वयक, डूंगरसिंह राजपुरोहित लुधियाना को गोव्रती उत्पाद प्रमुख, धनराज चौधरी जोधपुर को कार्यालय प्रमुख सहित नितिन शर्मा जयपुर को वित्त लेखा प्रमुख मनोनीत किया गया। 64 सदस्य इस कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों को मनोनीत कर उन्हें विभिन्न प्रदेशों, महानगरों एवं अन्य सेवा कार्यों का प्रभार प्रदान किया गया। इस अवसर पर 152 सदस्य श्री सुरभि सेवा परिषद का भी गठन किया गया।

नवगठित कार्यकारिणी की प्रथम बैठक को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि पूर्व पुलिस महानिदेशक दलपतसिंह दिनकर ने गौऋषिजी के सानिध्य में गोसेवा रूपी परम पवित्र कार्य में जाति, पंथ, संप्रदाय व राजनीति से ऊपर उठकर सेवा की आवश्यकता पर बल दिया एवं गोसेवा के प्रत्येक कार्य में तत्पर रहने का विश्वास दिलाया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष आर के अग्रवाल ने सभी को साथ लेकर न्यास के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संतों के मार्गदर्शन में श्री सुरभि सेवा परिषद द्वारा प्राप्त दिशानिर्देशों के अनुरूप कार्य करने का विश्वास व्यक्त किया साथ ही उन्होंने गोमाता को मुख्य धुरी मांनकर सभी से सहयोग की अपील की।

प्रधान सचिव रघुनाथसिंह मुथा ने न्यास की आगे की योजनाओं पर प्रकाश डाला एवं केंद्रीय संपर्क प्रमुख आलोक सिंघल ने गणित कार्यकारिणी द्वारा किए हुए कार्यों की जानकारी देते हुए गत वर्ष के वित्तीय लेखों को सदन के समक्ष रखा। महामंत्री प्रतापराज राजगुरु ने सभी से सकारात्मक एवं क्रियात्मक सहयोग की अपेक्षा जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।