🍃 गोनवरात्रि प्रकृति एवं परमेश्वर पर्व है| 🍃

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श्री सुरभ्यै नमः
🍃🍃🍁गोनवरात्रि प्रकृति एवं परमेश्वर पर्व है🍁🍃🍃
सादर सप्रेम जय गोमाता जय गोपाल
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से अक्षय नवमी पर्यंत गोनवरात्र व्रत अनुष्ठान के समय में परा प्रकृति शक्ति तथा परमेश्वर से प्रेम प्राप्त संयुक्त उपासना होती है, क्योंकि वेदलक्षणा गोमाता का आदि सुरभि शक्ति स्वरूप का प्राकट्य परमेश्वर व पराप्रकृति के एकीकृत चिन्मय प्रेम से ही हुआ है अर्थात् वेदलक्षणा गोवंश का शरीर श्री राधा माधव के संयुक्त प्रेम तत्व से निर्मित हुआ है, दिव्य चिन्मय प्रेम के पिपासुओ को प्रेम जल की प्राप्त्यर्थ गोनवरात्रि की विधिवत उपासना करके युगल प्रेमानुभूति का दुर्लभ लाभ अवश्य लेना चाहिए।

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